आज के दौर में हर कोई अपनी कमाई बढ़ाना चाहता है। बैंक में पैसा रखने पर 3% या 4% का ब्याज मिलता है, जिससे महंगाई (Inflation) को हराना मुश्किल है। ऐसे में, लोगों की नजर शेयर बाजार की तरफ जाती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो हर नए निवेशक के मन में आता है, वह यह है कि आखिर Share Market Kya Hai (What is Share Market in Hindi)?
कुछ लोग इसे “पैसों का कुआं” कहते हैं जो पूरे देश की प्यास बुझा सकता है (जैसा कि हर्षद मेहता ने कहा था), तो कुछ लोग इसे “जुआ” मानकर इससे दूर रहते हैं। सच्चाई इन दोनों के बीच में है।

अगर आप गूगल पर “Share Market Knowledge in Hindi” या “Stock Market Basics” सर्च कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। Dainik Paisa के इस विस्तृत आर्टिकल में, हम आपको एक बच्चे की तरह समझाएंगे कि Share Market Kya Hai, यह कैसे काम करता है, और 2026 में आप इससे पैसे कैसे कमा सकते हैं।
इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद, आपको किसी और वीडियो या ब्लॉग को देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो चलिए, शुरू करते हैं।
शेयर बाजार को समझने से पहले हमें ‘शेयर’ शब्द का मतलब समझना होगा। अंग्रेजी शब्द ‘Share’ का हिंदी अर्थ होता है—“हिस्सा” या “भाग”।
कल्पना कीजिए कि आपने एक पिज्जा (Pizza) मंगवाया। उस पिज्जा के 8 टुकड़े किए गए। अगर आपने उनमें से 1 टुकड़ा ले लिया, तो आप उस पूरे पिज्जा के 1/8वें हिस्से के मालिक बन गए। ठीक इसी तरह कंपनियां काम करती हैं।
जब किसी बड़ी कंपनी (जैसे Reliance, Tata, या Infosys) को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपयों की जरूरत होती है, तो वे बैंक के पास जाने के बजाय आम जनता (Public) के पास आती हैं। वे अपनी कंपनी की कुल वैल्यू को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देती हैं। इन्हीं छोटे हिस्सों को ‘शेयर’ (Share) कहा जाता है।
यह एक ऐसा बाज़ार है जहाँ कंपनियों के शेयर्स की नीलामी होती है। यहाँ लोग किसी कंपनी के शेयर खरीदकर उस कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं। अगर कंपनी मुनाफा कमाती है, तो शेयर का दाम बढ़ता है और निवेशक को फायदा होता है। अगर कंपनी को नुकसान होता है, तो शेयर का दाम गिरता है।
2. शेयर बाजार कैसे काम करता है? (NSE और BSE की कहानी)
अब आप सोच रहे होंगे कि क्या हमें शेयर खरीदने के लिए कंपनी के ऑफिस जाना पड़ेगा? बिल्कुल नहीं। जैसे सब्जी खरीदने के लिए ‘सब्जी मंडी’ होती है और सोना खरीदने के लिए ‘सराफा बाजार’, वैसे ही शेयर खरीदने के लिए Stock Exchanges होते हैं।
भारत में दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं जहाँ शेयरों की खरीद-फरोख्त होती है:
(A) BSE (Bombay Stock Exchange)
यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है, जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी। मुंबई की प्रसिद्ध “दलाल स्ट्रीट” (Dalal Street) पर यही स्थित है। इसमें 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं।
(B) NSE (National Stock Exchange)
इसकी शुरुआत 1992 में हुई थी ताकि शेयर बाजार को आधुनिक और डिजिटल बनाया जा सके। आज भारत में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग (वॉल्यूम) NSE पर ही होती है।
3. सेंसेक्स और निफ्टी क्या हैं? (बाजार का मीटर)
न्यूज़ चैनल पर एंकर अक्सर चिल्लाते हैं—“आज सेंसेक्स 500 अंक ऊपर भागा!” या “निफ्टी धड़ाम से गिरा!”। आखिर यह क्या बला है?
चूंकि बाजार में हजारों कंपनियां हैं, हम हर एक कंपनी को ट्रैक नहीं कर सकते। इसलिए बाजार का हाल जानने के लिए ‘इंडेक्स’ (Index) बनाए गए हैं:
- Sensex (Sensitive Index): यह BSE की टॉप 30 सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों का एक ग्रुप है। अगर सेंसेक्स ऊपर जा रहा है, तो इसका मतलब है कि देश की बड़ी कंपनियां अच्छा कर रही हैं।
- Nifty 50 (National Fifty): यह NSE की टॉप 50 कंपनियों का इंडेक्स है। इसमें अलग-अलग सेक्टर (बैंक, ऑटो, आईटी, फार्मा) की 50 दिग्गज कंपनियां शामिल होती हैं।
अगर आप जानना चाहते हैं कि आज Share Market Kya Hai और उसका मूड कैसा है, तो बस निफ्टी और सेंसेक्स को देख लीजिए।
4. प्राइमरी मार्केट vs सेकेंडरी मार्केट
शेयर बाजार भी दो तरह का होता है। इसे समझना बहुत जरूरी है:
प्राइमरी मार्केट (Primary Market / IPO)
जब कोई कंपनी पहली बार शेयर बाजार में कदम रखती है, तो वह अपना IPO (Initial Public Offering) लेकर आती है। यहाँ कंपनी सीधे जनता को शेयर बेचती है। इसे प्राइमरी मार्केट कहते हैं। (जैसे हाल ही में LIC या Zomato का IPO आया था)।
सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market)
IPO खत्म होने के बाद, वह शेयर एक्सचेंज (NSE/BSE) पर लिस्ट हो जाता है। इसके बाद जो खरीद-बेच होती है, वह निवेशकों के बीच होती है। इसे ही हम आम भाषा में ‘शेयर मार्केट ट्रेडिंग’ कहते हैं।
5. शेयर मार्केट में निवेश कैसे शुरू करें? (Step-by-Step Guide)
अगर आपने मन बना लिया है कि आपको भी इस बाजार से पैसे कमाने हैं, तो आपको कुछ तैयारी करनी होगी। शेयर खरीदने के लिए आप सीधे एक्सचेंज के पास नहीं जा सकते, आपको एक “ब्रोकर” (दलाल) के जरिए जाना होता है।
आजकल Discount Brokers (जैसे Zerodha, Groww, Angel One) ने इसे बहुत आसान बना दिया है। निवेश शुरू करने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी:
जरूरी दस्तावेज़ (Documents Required)
- PAN Card: वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य है।
- Aadhar Card: मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए (KYC के लिए)।
- Bank Account: कोई भी सेविंग अकाउंट।
- Cancelled Cheque: बैंक वेरिफिकेशन के लिए।
तीन मुख्य अकाउंट
- Demat Account: यह एक डिजिटल लॉकर है जहाँ आपके खरीदे हुए शेयर सुरक्षित रखे जाते हैं।
- Trading Account: इसका इस्तेमाल शेयर खरीदने और बेचने (Buy/Sell) का ऑर्डर देने के लिए होता है।
- Linked Bank Account: पैसे डालने और मुनाफा निकालने के लिए।
आजकल ये तीनों अकाउंट मोबाइल ऐप पर 10 से 15 मिनट में ऑनलाइन खुल जाते हैं।
6. ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में क्या अंतर है?
बहुत से लोग Share Market Kya Hai यह जाने बिना ही ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं और नुकसान कर बैठते हैं। आपको अपनी शैली (Style) चुननी होगी:
(A) इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading)
इसमें आप सुबह 9:15 पर शेयर खरीदते हैं और दोपहर 3:30 से पहले बेच देते हैं। चाहे मुनाफा हो या नुकसान, आपको सौदा काटना ही पड़ता है। यह बहुत जोखिम भरा (Risky) होता है, लेकिन इसमें पैसा जल्दी बनता है।
(B) स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading)
इसमें आप शेयर को कुछ दिनों या हफ्तों के लिए होल्ड करते हैं। जब दाम बढ़ जाता है, तो बेच देते हैं। यह नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छा है।
(C) लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग (Long Term Investing)
इसे असली वेल्थ क्रिएशन (Wealth Creation) माना जाता है। इसमें आप अच्छे शेयर खरीदते हैं और उन्हें 1, 5 या 10 साल तक होल्ड करते हैं। वॉरेन बफेट और राकेश झुनझुनवाला इसी तरीके से अमीर बने हैं। इसमें “कंपाउंडिंग” का जादू काम करता है।
7. कौन सा शेयर खरीदें? (Analysis कैसे करें)
शेयर बाजार कोई लॉटरी नहीं है। सही शेयर चुनने के लिए दो तरह की पढ़ाई करनी पड़ती है:
- Fundamental Analysis: यह लंबी अवधि के निवेश के लिए होता है। इसमें आप कंपनी का प्रॉफिट, कर्ज (Debt), मैनेजमेंट और भविष्य की योजनाएं देखते हैं। (जैसे P/E Ratio, ROE देखना)।
- Technical Analysis: यह ट्रेडिंग के लिए होता है। इसमें आप चार्ट (Charts), पैटर्न और वॉल्यूम देखकर पता लगाते हैं कि शेयर का भाव अगले पल ऊपर जाएगा या नीचे।
8. शेयर बाजार में जोखिम (Risks) और सावधानियां
आपने वह डायलॉग सुना होगा—“रिस्क है तो इश्क है।” लेकिन शेयर बाजार में बिना सोचे-समझे रिस्क लेना बेवकूफी है। यहाँ पैसे डूबने के भी चांस होते हैं।
नए निवेशकों की बड़ी गलतियां:
- Penny Stocks खरीदना: लोग ₹1 या ₹2 वाले शेयर खरीद लेते हैं यह सोचकर कि यह ₹100 हो जाएगा। अक्सर ऐसी कंपनियां डूब जाती हैं।
- Loan लेकर निवेश करना: कभी भी उधार के पैसे से शेयर बाजार में न आएं।
- Tips पर भरोसा करना: टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाली टिप्स से दूर रहें। अपनी रिसर्च खुद करें।
- Emotional होना: बाजार गिरने पर डरकर शेयर बेच देना सबसे बड़ी गलती है।
9. शेयर बाजार से पैसे कमाने के तरीके
सिर्फ शेयर का भाव बढ़ने से ही पैसा नहीं बनता, और भी तरीके हैं:
- Capital Appreciation: ₹100 का शेयर ₹150 का हो गया। (सीधा मुनाफा)।
- Dividend (लाभांश): जब कंपनी को बड़ा मुनाफा होता है, तो वह अपने शेयरधारकों को कुछ हिस्सा कैश के रूप में बैंक अकाउंट में देती है। ITC और Vedanta जैसी कंपनियां डिविडेंड के लिए मशहूर हैं।
- Bonus Shares: कभी-कभी कंपनी आपको फ्री में एक्स्ट्रा शेयर देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Ans: शेयर बाजार एक ऐसी जगह है जहाँ आप छोटी रकम देकर बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। कंपनी की तरक्की के साथ आपका पैसा भी बढ़ता है।
Q2: क्या शेयर बाजार में ₹500 से निवेश शुरू कर सकते हैं?
Ans: जी हां, आप मात्र ₹100 या ₹500 से भी शुरुआत कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड (SIP) या सस्ते शेयर खरीदकर सफर शुरू किया जा सकता है।
Q3: शेयर बाजार में नुकसान से कैसे बचें?
Ans: नुकसान से बचने का सबसे अच्छा तरीका है—लंबे समय (Long Term) के लिए निवेश करना और अच्छी फंडामेंटल वाली कंपनियों (Blue Chip Stocks) को चुनना।
Q4: भारत का सबसे महंगा शेयर कौन सा है?
Ans: MRF (Madras Rubber Factory) का शेयर भारत का सबसे महंगा शेयर है, जिसकी कीमत लाखों में है। लेकिन आप ₹100 वाले शेयर भी खरीद सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, इस विस्तृत लेख में हमने गहराई से समझा कि Share Market Kya Hai, यह कैसे काम करता है और एक आम आदमी इसमें कैसे निवेश कर सकता है।
शेयर बाजार कोई रॉकेट साइंस नहीं है, यह बस अनुशासन (Discipline) और धैर्य (Patience) का खेल है। अगर आप रातों-रात अमीर बनने का सपना लेकर आएंगे, तो यह बाजार आपको निराश कर सकता है। लेकिन अगर आप इसे एक बिजनेस की तरह देखेंगे और लंबी अवधि के लिए निवेश करेंगे, तो यह आपकी आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति बना सकता है।
हमारी सलाह यही है कि शुरुआत करें—भले ही एक छोटे से कदम से। पहले सीखें (Learn), फिर कमाई (Earn) अपने आप शुरू हो जाएगी।
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